व्याकरण किसे कहते हैं और व्याकरण की परिभाषा

Vyakaran Kise Kahate Hain

Vyakaran Kise Kahate Hain : भाषा का सबसे मुख्य अंग व्याकरण है। व्याकरण का मुख्य भाग ही व्याकरण है। तो आज आप इस आर्टिकल के माध्यम से व्याकरण के बारेमे व्याकरण किसे कहते हैं और व्याकरण की परिभाषा, प्रकार और भी पूर्ण जानकारी प्राप्त करने वाले है।

Vyakaran Kise Kahate Hain
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व्याकरण की परिभाषा

किसी भी भाषा को शुद्ध तरीके से बोलने और लिखने के नियम बताये जाते है उसे व्याकरण कहा जाता। व्याकरण को इंग्लिश में Grammar ग्रामर कहा जाता है।

ऐसा नहीं है की व्याकरण के बिना हम भाषा नहीं बोल सकते। लेकिन किसी भाषा को शुद्ध रखने के लिए उसके व्याकरण नियमो का पालन करना होता है। किसी भी भाषा के लिखने और बोलने के नियम होते है।

सिंपल सी व्याकरण की परिभाषा दे तो : व्याकरण वह नियम है जिसके द्वारा किसी भी भाषा को शुद्ध बोला, पढ़ा और शुद्ध लिखा जाता है। 

सब से शुद्ध भाषा और व्याकरण संस्कृत भाषा को माना जाता है। जो दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा है। जिसके उदाहरण वेद है। वेद सम्पूर्ण शुद्ध संस्कृत श्लोको में लिखा गया है। इससे बड़ा उदाहरण व्याकरण का और कोई नहीं हो सकता।

वेद और संस्कृत भाषा के माध्यम से हम यह भी कह सकते है की व्याकरण शास्त्र की उत्पत्ति सबसे पहले भारत देश में हुई। भारत पहले विशाल था।

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व्याकरण के कितने भेद होते है

वैसे तो व्याकरण विशाल है। सब भाषा में थोड़ा बोहत व्याकरण में अन्तर होता है। संस्कृत की बात करे तो इतना शुद्ध व्याकरण है की आपका दिमाग ही घूम जायगा। लेकिन यहां पे हम व्याकरण के मुख्य चार प्रकारो के बारेमे जान लेते है।

व्याकरण के मुख्य चार प्रकार है।

(1). वर्ण 
(2). शब्द
(3). पद 
(4). वाक्य

वर्ण

भाषा का सबसे छोटा इकाई जिसके भाग नहीं किये जा सकते उसे वर्ण कहते है जैसे की क, ख, ग वगेरा

यह वर्ण हिंदी भाषा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिंदी भाषा में कुल 52 वर्णो की वर्णमाला होती है। जो भाषा का मुख्य आधार है। भाषा की बेसिक सिखने की शुरुआत वर्ण से ही होती है।

शब्द

एक या अधिक वर्ण मिलकर शब्द की रचना होती है। जैसे की खरगोश, पुरुष, हरेश यह सब शब्द है। जिसमे एक से ज्यादा वर्णो का उपयोग हुआ है। जैसे की हरेश इसमें ह, र और श से मिलकर शब्द की रचना हुई है।

शब्द के भी मुख्य दो प्रकार होते है।

विकारी शब्द और अविकारी शब्द

विकारी शब्द

विकारी शब्द वह शब्द है जिसका उपयोग करने से वाक्य के अर्थ में थोड़ा सा बदलाव आ जाता है।

जैसे की – वह गाय है। – अब – वह गाय सुन्दर है। इसमें सुन्दर विकारी शब्द है जिसमे वाक्य के अर्थ में बदलाव हुआ है।

विकारी शब्द के भी चार प्रकार है। जैसे की

  • संज्ञा
  • सर्वनाम
  • विशेषण
  • क्रिया

संज्ञा: किसी भी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, वगेरा के नाम को संज्ञा कहा जाता है। जैसे की मुकेश एक व्यक्ति का नाम है।

सर्वनाम: किसी संज्ञा के बारे में बोलने या बुलाने के लिए संज्ञा के स्थान पर उपयोग होने वाले शब्द को सर्वनामकहते हैं। जैसे-हम, तुम, मैं आदि।

विशेषण: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, मात्रा या परिमाण वगेरा) बताते हैं उसे विशेषण कहते हैं |

क्रिया: जिस शब्द के द्वारा किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है ऐसे शब्द को क्रिया कहते हैं।

अविकारी शब्द

अविकारी शब्द ऐसे शब्द होते है जिसके उपयोग से वाक्य का रूप नहीं बदलता है।

जैसे की – अब, कब, क्यों, पर, में, बहुत, अधिक, कम, हाँ, नहीं, लेकिन, जल्दी, शीघ्र, जल्दी वगेरा

अविकारी शब्द के भेद

अविकारी शब्द के चार भेद होते है।

1 . क्रिया-विशेषण– ऐसा अविकारी शब्द जो क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।

2 . संबंधबोधक-जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से जुड़ता है, वह संबंधबोधक कहलाता है। जैसे की दूर, निकट, साथ

3 . समुच्चयबोधक-समूह (समुच्च्य) कापरिचय कराने वाले अव्यय पद को समुच्च्य बोधक अव्यय कहते हैं। जैसे की लेकिन, तथा, किन्तु, जो, जिसे

4 . विस्मयादिबोधक– आश्चर्य / अचरज आदि का परिचय कराने वाले अव्यय को विस्मयबोधक अव्यय कहते हैं। जैसे की अहो,अरे,उफ़,अरे वह, वगेरा

पद

वाकय का प्रयोग करते समय कुछ शब्द को पद मिलता। जैसे की कुत्ता खा रहा है, लड़का जा रहा है तो इस दोनों वाक्यों में लड़का और कुत्ता को पद मिला हुआ है।

पद के चार भेद है जो निचे मुजब है।

  • संज्ञा,
  • सर्वनाम,
  • क्रिया,
  • विशेषण और
  • अव्यय

वाकय

शब्दों का समूह जिसको मिलकर कुछ अर्थ बनता है उसे वाकय कहा जाता है।

जैसे की : हरेश खाना खा रहा है। इसमें हरेश, खाना, खा, रहा, है, यह सब मिलकर एक वाक्य की रचना हुई है।

वाक्य के मुख्य तीन भेद निचे मुजब है।

  • साधारण वाक्य
  • सयुंक्त वाक्य
  • मिश्रित वाक्य

साधारण वाक्य- साधारण वाक्य बहुत साधारण होता है जिसमे मुख्य एक करता होता है। जैसे की महेश गांव जा रहा है।

सयुक्त वाक्य: दो वाक्य मिलकर एक वाक्य बनता है उसे सयुक्त वाक्य कहते है। जिसमे दोनों वाक्यों को जोड़ने के लिए और, लेकिन जैसे शब्दों का उपयोग होता है।

जैसे की – महेश गांव जा रहा था और बहन खाना खा रही थी।

मिश्रित वाक्य: इसमें भी दो वाक्य होते है लेकिन एक मुख्य वाक्य होता है और एक पेटा वाक्य होता है। जो मिलकर मिश्रित वाक्य की रचना करते है।

जैसे की: महेश गांव जाते ही क्रिकेट खेलने चला गया।

Vyakaran Kise Kahate Hain

सारांश

व्याकरण ऊपर दिए गए टॉपिक के जितना ही नहीं है, यह तो सिर्फ मुख्य टॉपिक के बारेमे बताया गया हैं। इनके आलावा भी व्याकरण के बहुत टॉपिक है। लेकिन व्याकरण के बारेमे जानने के लिए इतना काफी है। Vyakarn kise kahate hain और व्याकरण की परिभाषा आप अच्छे से समज गए होंगे।

धन्यवाद

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