Nachiketa Story In Hindi नचिकेता की पुरी कहानी

Nachiketa Story In Hindi

Nachiketa Story In Hindi – दोस्तो हमारे देश के इतिहासी पन्नो पे एसे कही महानुभाव हो गये। कई सारे साहसी बच्चे हो गये। जिसकी प्रेरणा हम अपने बच्चो को जिवन मे अच्छी शिक्षा देने के लिये करते है। कहा जाता है पहले लोग अपनी दिमागी शक्तियो को उतपन्न करते थे ओर उन दिमागी शक्तियो से वह देव दानवो से भी मिल सकते है। एसे ही एक साहसी बालक नचिकेता की बात आज हम इस पोस्ट मे करने वाले हैं। नचिकेता की कहानी के बाद हमे उसका सारांश समझना है।

Nachiketa story in hindi
Nachiketa in hindi

तो चलो नचिकेता की कहानी सुरु करते है। नचिकेता एक ही था लेकिन उनकी कहानिया अलग अलग तरीके से प्रचलित है। कई युगो से चली आ रही इस कहानी में थोड़ा बोहत तो चेंज होना ही है।

नचिकेता की कहानी हिंदी में

दोस्तो नचिकेता की कहानी हर किसी को जाननी चाहिये।

दोस्तो जब नचिकेता छोटा बालक था। तब उसके पिता वाजश्रवा ने घर मे यज्ञ करवाया था। यज्ञ की समाप्ती के बाद दान देना होता है वाजश्रवा ने वचन दिया की यज्ञ पुर्ण होते मे अपनी संपति दान करूँगा।

दान की लालच मे बहुत लोग यज्ञ को आये। भ्राह्मण आये, गाव वासी आये सफलता पुर्वक यज्ञ संपन्न हुआ। अब दान देने का समय हुआ। वाजश्रवा भ्राह्मणो को बुढ़ी गाय दान मे दे रहे थे। हर एक को बुढ़ी गाय दे रहे थे। लोग सोच मे पड़ गये की यह केसा दान है।

लेकिन कोई वाजश्रवा के सामने नही बोल रहा था। सब लोग चुपचाप दान को ग्रहण कर रहे थे। यह सब वाजश्रवा का पुत्र नचिकेता बडी ध्यान से देख रहा था। अपने पिता को उसने संपति मोह मे देखा। बिन जरूरी दान वे भ्राह्मणो को दे रहे थे। नचिकेता से रहा न गया।

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उसने अपने पिताजी से कहा “आप यह क्या कर रहे है ये कौनसा दान आप दे रहे हैं?” वाजश्रवा नचिकेता के सवाल को सुनकर गुस्सा हो गया, क्यों की उसके राज्य में और कोई नहीं बोल रहा था, जब की उसके ही पुत्र ने सवाल उठाया। वाजश्रवा ने क्रोधित होकर कहा मेरे से ज्यादा तुजे ज्ञान है तो बता की क्या दान देना चाहिये? नचिकेता बडी विनम्रता से बोले..

“पिताजी दान मे वह चिज दि जाती है जो हमे प्रिय है, आप तो कल समाप्त होने वाली ओर बिन जरूरी चीजो का दान दे रहे हैं।”

नचिकेता ने वाजश्रवा से कहा मे आपका सबसे प्रिय हु मुजे दान दिजीये, छोटे मुह से बडी बाते वाजश्रवा से सहन न हुई ओर बोले जा मे तुजे यमराज को दान देता हु

फिर क्या था पिता की आज्ञा नचिकेता के सर पे आन पडी थी। स्वर्ग की प्राप्ति ओर आत्मा की सुद्धी के लिये यज्ञ किया जाता है अगर दान न दिया जाय तो यज्ञ अधूरा रहेगा यह सोच कर नचिकेता यम लोक जाने के लिये निकल पड़ा।

बहुत दिनो तक यम लोक की खोज की लेकिन यम लोक नही मिला। रास्ते मे मिल रहे लोगो से नचिकेता सवाल करता था भैया यमलोक कहा है, नचिकेता की बाते सुन कर लोग हस पडे थे। यम लोक न मिलने की वजह से नचिकेता ने सोचा की क्यु ना यमराज को मे खुद अपने पास बुला लू। क्यों की सिर्फ यमराज ही उसे यमलोक ले जा सकते है।

Nachiketa In Hindi

यमराज को पाने के लिये नचिकेता ने जंगल मे जाकर तपस्या करनी सुरु कर दि। नचिकेता ने की हुई तपस्या से प्रसन्न होकर यमराज नचिकेता के स्न्मुख हूए बोले नचिकेता “तेरी पितृ भक्ति ने मुजे यहा आने पर विवश कर दिया। मांग क्या मांगना चाहता है।”

लेकिन नचिकेता तो यमराज के पास जाने के लिए आया था। जीवन प्राणी यमराज के पास नहीं जा सकता, इसलिए नचिकेता को कहा जीवित प्राणी अपने सरीर के साथ यमलोक नहीं आ सकता इसलिए तू कुछ भी तीन वरदान मांग सकता है। नचिकेता को जो मांगना है वह सब तीन वरदान में ही मांग सकता है।

  • ➡️नचिकेता ने कहा प्रभू मेरे पिताजी बहोत क्रोधित है ओर वह शान्त हो जाय एसा वरदान दे।
  • ➡️ दुसरा वरदान की स्वर्ग की प्राप्ति कैसे हो सक्ती हैं। यमराज को नही बताना चाहिये था फिर भी नचिकेता की हठ के आगे बताना ही पड़ा
  • ➡️तीसरा वर नचिकेता ने मांगा की प्रभू मुजे मरने के बाद का रहस्य बताये। यमराज को इतने छोटे बालक से यह आशा न थी। लेकिन यमराज यह नही बता सकते थे आज तक कोई जान नही पाया की मरने के बाद आत्मा का क्या होता है फिर वे नचिकेता को वरदान कैसे दे सकते थे। उन्होने स्पस्ट मना कर दिया ओर कहा की पुत्र, विध्या से बडा कोई ज्ञान नही। तुम सही दिशा मे अभ्यास ओर ज्ञान प्राप्त कर इस जानकारी को हासिल कर सकते हो।

उसके बाद तथासतू कह कर यमराज चले गये ओर नचिकेता ने बहुत विध्याये हासिल की कठोर अभ्यास किया ओर एक विद्वान बन गया।

नचिकेता की कहानी का सारांश

दोस्तो हर किसी के जिवन मे से कुछ ना कुछ सिखने को जरुर मिलता है वैसे ही नचिकेता के जिवन मे भी है। नचिकेता की कहानी का सारांश निचे मुजब है।

  • अहंकार ओर लोभ के वश मे कभी न आये
  • क्रोध का परिणाम हानिकारक होता है
  • शिक्षा ग्रहण करने की कोई योग्य उम्र नही होती
  • पितृ भक्ति मे इश्वर का वास है।

दोस्तो नचिकेता की कहानी Nachiketa Story In Hindi आपके सामने प्रस्तूत की है। मे आशा करता हु की यह आपको बहुत पसंद आई होगी। धन्यवाद….

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