पांच दिन की दिवाली पर निबंध Diwali essay in hindi

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नमस्ते! दिवाली का नाम सुनते ही खुशीयो के दिन याद आने लगते है आय भी क्यु नही आखिर दिवाली (diwali) हमारा सबसे प्रिय ओर अनोखा त्योहार है। तो चलो सुरु करते है दिवाली पर निबंध Diwali essay in hindi

Diwali essay in hindi
Diwali essay in hindi

Diwali essay in hindi दिवाली पर निबंध

हर धर्म मे कोइना कोई त्योहार होता है वैसे ही हिन्दू धर्म मे भी त्योहार है। हिन्दू धर्म मे हर धर्म का अपना अलग महत्व ओर सार हैं। लेकिन दिवाली को सबसे बडा त्योहार माना जाता है।

यह त्योहार एक हिन्दू त्योहार हे इसलिये विक्रम सवंत के कैलेंडर अनुसार आता है। इसमे कोई तारिख निश्चित नही होती। (Diwali)दिपावली हर साल विक्रम सवंत अश्विनी कृष्ण पक्ष अमावस्या को आती है। ये त्योहार 5 दिन का होता हैं। नवरात्रि के 10 दिन पुर्ण होने के 20 दिन बाद दिवाली होती है।

दिवाली के 5 दिनो मे धनतेरस, काली चौदस, दिवाली, नया वर्ष, ओर भाईदूज का समावेश होता है 5 दिन तक दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। हर दिन का अपना अलग मह्त्व है।

धनतेरश (Dhanterash)

Diwali essay in hindi
Diwali essay in hindi (Dhanteras)

दिपावाली के दो दिन पुर्व धनतेरश का दिन मनाया जाता है। यह दिन बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन पर पौराणिक कथाये भी प्रचलित है धनतेरश के दिन अपनी यथास्क्ती के अनुसार सोना-चांदी(gold-silver) खरीदने की रित प्रचलित है। इस दिन पर पवित्र धातु खरीदना सुभ माना गया है।

काली चौदश (Kali Chaudash)

Diwali essay in hindi
Diwali essay in hindi (kali chudash)

दिपावली के एक दिन पहले काली चौदश आती है। कहा जाता है की इस दिन मा शक्ती ने नरकासूर का वध(नाश) किया था। उस दिन से यह दिन मा काली के नाम मनाया जाता है।

यह का दिन बुराई पर जीत क प्रतिक है। या दिन काली पूजा, टोटके, भुत पूजा के लिये भी जाना जाता है। यह पूजा विशेषकर पश्चिमी भारत(West india) मे ज्यादा देखी जाती हैं।

काली चौदश के दिन चोपडा पूजन भी होता हैं। मतलब इस दिन पर व्यापारी(businessmen) चोपडा पूजन करते है। अपने बिज़नेस के लिये उपयोग मे ली जाने वाली किताबे जिसका पूजन करते हैं।

दिवाली (Diwali, Dipawali)

Diwali essay in hindi
Diwali essay in hindi

5 दिनो के पर्व मे यह दिन सबसे महत्व का होता है। जिसका नाम दिवाली है। लोग इसे दीपावली भी कहते हैं। कहा जाता है की इस दिन भगवान श्री राम लंका विजय कर के सीता माता के साथ अपने अयोध्या लौटे थे। श्री राम के आने की खुसी मे लोगो ने इस दिन को धम धम से, दिये प्रगट करके मनाया था उस दिन से आज तक भारत देश मे श्री राम के आने की खुसी मे धाम धूम से यह त्योहार(Festival) दिपावली मनाया जाता है।

दिवाली के दिन हर घर मे बेटियाँ के द्वारा आंगन मे रंगोली बनाई जाती हैं। रंगोली मे रंगीन रंग भरे जाते है। घर के सब लोग नये कपडे पहनते है। मिठाईया खरीदते हैं।

बच्चे लोग पटाखे फोड़ते हैं पटाखौ की आवाज इस दिन को ओर मस्त बना देती हैं। नये जमाने के पटाखे आसमान मे जाकर आसमान मे आकृतिया बनाता है लोग हर्ष ओर उल्लाश के साथ इस दिन Diwali को मनाते है।

नया वर्ष (New Year)

Happy new year
Happy new year

दिवाली के दुसरे दिन को नया वर्ष(Newyear) मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने सगे सबंधीयो के घर जाते है। मिठाईया खाते है ओर खिलाते है। घर के बडे अपने बच्चो को नये दिन के उपहार(gifts) देते हैं।

भाईदूज (Bhaidooj)

Bhaidooj
Bhaidooj

नये वर्ष के बाद भाईदूज(Bhaidooj) का त्योहार आता हैं। यह त्योहार भाई ओर बहन के महत्व को बताता हैं। इस दिन भाई अपने बहन के घर जाता है। बहन अपने भाई को भोजन करवाती है। तिलक करती हैं। ओर भाई की लम्बी उम्र के लिये दुआ करती है। भाई अपनी बहन के लिये लम्बे सौभाग्य के लिये प्रार्थना(Pray) करता हैं। इस दिन पर भी पौराणिक कथा प्रचलित हैं।

कहा जाता है की सुर्य पुत्री (Daughter of Sun) यमुना अपने भाई यमराज को अचानक अपने घर मिलने के लिये आते देख खुसी से जूम उठी थीं। कभी न आने वाले भैया से यमुना ने वर मांगा की भैया हर साल यह दिन मेरे घर आया करे। उस दिन से भाईदूज(Bhaidooj) मनाने की प्रथा प्रचलित है।

तो इस तरह हर्ष, उल्लाश ओर आनंद के साथ दिवाली का त्योहार पुर्ण होता हैं। दिवाली के 5 दिन बाद लाभ पंचमी का दिन भी आता है। यह दिन नये काम काज के मुहर्त के लिये माना जाता है।

मे आशा करता हु की यह पुर्ण जानकारी वाला दिवाली पर निबंध (diwali essay in hindi, diwali par nibndh) आपको जरुर पसंद आया होगा।

धन्यवाद!

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